गरीबों के निवाले पर डाका-उचित मूल्य की दुकानों तक सरकारी अनाज पहुंचाने में हो रही हेराफेरी
कटंगी क्षेत्र की सरकारी उचित मूल्य की दुकानों में पहुंचने वाले सरकारी अनाज में जमकर हेरा-फेरी की जा रही है. जिसमें गोदाम संचालक से लेकर परिवहनकर्ता की भूमिका संदिग्ध दिखाई दे रही है. बुधवार को इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब ट्रक क्रमांक एमएच 12 एलटी 3184 सरकारी अनाज लेकर आंजनबिहरी और कोड़बी की उचित मूल्य की दुकान में पहुंचा. वाहन से जब गेहूं और चावल अनाज के बारदाने दुकान में खाली किए जा रहे थे तो अधिकांश बारदानों में 50 किलो की बजाए 42 से 45 किलो अनाज की मात्रा ही दिखाई दी. इस पूरे मामले में आंजनबिहरी सरपंच दीपक पुष्पतोड़े ने हस्तक्षेप किया और अफसरों को संज्ञान लेने की अपील की. बताना जरूरी है कि यह सरकारी अनाज बोथवा के एक निजी गोदाम में रखा हुआ था और अनाज को उचित मूल्य की दुकानों तक पहुंचाने यानी की परिवहन का ठेका भाजपा नेता यशवंत टेम्भरे को है. इस पूरे मामले में परिवहनकर्ता की भूमिका पर भी संदेह प्रकट किया जा रहा है. पहली नजर में ऐसा लग रहा है कि पीडीएस दुकान में सरकारी अनाज पहुंचाने में हेराफेरी की जा रही है और गरीबों के निवाले पर डाका डालने का काम किया जा रहा है.
बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है जब उचित मूल्य की दुकानों तक अनाज पहुंचाने में हेरा-फेरी की शिकायत का मामला प्रकाश में आया है. इसके पहले भी इस तरह की कई शिकायतें सामने आई है. मगर, गरीबों के अनाज के गड़बड़ी और हेरा-फेरी का यह अपराध अब संगठित रुप से ले चुका है बुधवार को जो ट्रक अनाज लेकर आंजनबिहरी और कोड़बी पहुंचा था वह धर्मकांटे से वजन कर अनाज लेकर दुकानों तक पहुंचा था आंजनबिहरी में जब गड़बड़ी सामने आई तो यहां अतिरिक्त बारदाने देकर मामले को शांत कर दिया गया लेकिन कोड़बी में केवल गिनती के अनुसार ही अनाज के बारदाने उतारे गए. मतलब इस दुकान में वजन से नहीं बल्कि वारदानों के गिनती हुई. जब सेल्समैन में वाहन चालक से कांटा पर्ची मांगी तो चालक कांटा पर्ची देने की बजाए बहाने बाजी करते गया. जिससे यह तो स्पष्ट हो रहा है कि अनाज पहुंचाने में गड़बड़ी की जा रही है. इस हेरा-फेरी की मौके से ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सूचना देने की कोशिश की गई लेकिन मोबाइल नेटवर्क समस्या के चलते उनसे संपर्क नहीं हो पाया.
गौरतलब हो निजी गोदामों में जो सरकारी अनाज रखा होता है उसकी सुरक्षा और रख-रखाव को लेकर भी बड़ी लापरवाही बरती जाती है हालांकि इस ओर विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है. नजीता जब इन गोदामों से अनाज को पीडीएस तक पहुंचाया जाता है तो अनाज में कीड़े लग चुके होते है. मगर, उचित मूल्य दुकान का सैल्समैन बिना किसी जांच पड़ताल और विरोध ही अनाज को रख लेता है यहीं अनाज गरीबों को वितरीत किया जाता है कई बार शिकायत सुनने में आती है कि गेहुं और चांवल में घुन लग गई है और यहीं अनाज गरीबों को वितरीत किया गया है. दरअसल, ऐसा अनाज के संधारण में लापरवाही बरतने की वजह से होता है. फिलहाल पीडीएस की दुकानों तक पहुंचने वाले अनाज के परिवहन में हेरा-फेरी हो रही है जिस तरफ अफसरों को ध्यान देने की जरूरत है मौजूदा वक्त में इस गोलमाल के जरिए मोटा पैसा कमाया जा रहा है.
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