चिकित्सक की नियुक्ति के लिए तरस रहा तिरोड़ी अस्पताल ग्राम प्रधान ने शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह की दी चेतावनी

 



कटंगी।

     क्षेत्र की मॉयल नगरी तिरोड़ी के सरकारी अस्पताल में लंबे समय से एमबीबीएस चिकित्सकों के 2 पद रिक्त है. जिस कारण तिरोड़ी एवं आस-पास के ग्रामीण अंचलों की करीब 30 हजार आबादी को प्राईवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराना पड़ रहा है. ऐसे में यहां की जनता काफी लंबे समय से अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति कराने की मांग कर रही है परंतु सरकार के नुमाइंदे इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे है. कलेक्टर के निर्देशों के बाद मौजूदा वक्त में तिरोड़ी अस्पताल में 2 आयुष चिकित्सकों को सेवाएं देने के लिए तैनात किया गया है जो सप्ताह में केवल 4 दिन यहां आकर सेवाएं देते है. इन चिकित्सकों के सेवाएं देने से जनता को कुछ राहत तो मिली है मगर, संतुष्टि नहीं मिल पाई है ग्रामीणों की मांग है कि अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाए. अभी हाल ही में जब से एमबीबीएस चिकित्सकों की अस्पतालों में नियुक्ति किए जाने की चर्चाएं चल रही है तब से इस मांग ने और अधिक जोर पकड़ लिया है. ग्राम पंचायत तिरोड़ी के प्रधान आंनद बरमैया आज किरनापुर में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को इस संबंध में ज्ञापन सौंपने वाले है. वहीं उन्होनें बताया कि अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ गांधी प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह किया जाएगा. 

    ज्ञात रहे कि तिरोड़ी तहसील मुख्यालय के अस्पताल में करीब 5 सालों से चिकित्सक का पद रिक्त पड़ा है विगत दिनों कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र महदोली में एवं महकेपार में पदस्थ चिकित्सक को वैकल्पिक तौर पर सप्ताह में 2-2 दिन तिरोड़ी में सेवाएं देने का प्रभार दिया है. वहीं तिरोड़ी की जनता स्थाई तौर पर एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति कराएं जाने की मांग कर रही है गौरतलब हो कि तिरोड़ी तहसील के अंतर्गत करीब 20 से अधिक गांव शामिल है इन गांव में अधिकांश आबादी गरीब और आर्थिक स्थिति से कमजोर तबके की निवास करती है और इन सभी गांव के लोग अपना उपचार कराने के लिए तिरोड़ी अस्पताल पर निर्भर है किंतु अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने की वजह से इन गरीबों को इलाज नहीं मिल पाता ग्रामीणों की माने तो अस्पताल में चिकित्सक नहीं होने की वजह से कई बार छोटी-छोटी बीमारी बड़ी बन जाती है और बीमारी बढ़ने के बाद सस्ता इलाज नहीं मिल पाने की वजह से या तो मरीज की मौत होती है या फिर मरीज का उपचार कराने में गरीब की खेती बाड़ी बिक जाती है मगर इसके बावजूद स्वास्थ्य मंत्री प्रभारी मंत्री सांसद विधायक से लेकर कलेक्टर सहित तमाम अफसर जिनसे इस अस्पताल में स्थाई चिकित्सक की मांग की जा रही है वह सुध नहीं ले रहे हैं जबकि अभी हाल ही में एमबीबीएम चिकित्सक की नई भर्ती गोरेघाट के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में की जा रही है. 

       उल्लेखनीय है कि समूचे विधानसभा क्षेत्र कटंगी के तहत आने वाली कटंगी और तिरोड़ी तहसील के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एमबीबीएस चिकित्सकों के पद रिक्त है. इन अस्पतालों में आयुष चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे है. निश्चित तौर पर इससे ग्रामीण जनता को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है किन्तु एमबीबीएस चिकित्सक के पद रिक्त होना एक बड़ी समस्या है. सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है लेकिन कटंगी क्षेत्र के अस्पतालों में एमबीबीएस चिकित्सकों से लेकर अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के खाली पद और स्वास्थ्य सेवाओं को हासिल करने के लिए ग्रामीणों के प्रदर्शन और आंदोलन सरकार के इन दावों की पोल खोलते नजर आते है. बहरहाल, तिरोड़ी के ग्राम प्रधान ने पुनः स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुए अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति कराने की मांग की है तथा मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है.

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