चिकित्सक की नियुक्ति के लिए जनता कर रही क्रमिक भूख हड़ताल, जनप्रतिनिधि बने तमाशबीन

 कटंगी।



    हमने और आपने मिलकर एक क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि चुना है. जिसे हम विधायक कहते है जिसकी यह जवाबदेही है कि वह अपने क्षेत्र की जनता के सुख-दुख की चिंता करें उनकी समस्याओं को सुने और उन समस्याओं का निराकरण करें लेकिन क्या कभी आपने अपने लोकप्रिय विधायक टामलाल सहारे को जनता की समस्याओं को सुनते और उन समस्याओं का निराकरण करते देखा है. अगर, देखा है तो यह निश्चित तौर पर एक करिश्माई क्षण ही होगा. जिसे आप शायद जीवन भर नहीं भुला पाएगा. आपको लग रहा है कि हम शायद हम मुद्दे से भटके हुए है बात तो तिरोड़ी अस्पताल में चिकित्सक के रिक्त पद की होनी थी मगर, विधायक की हो रही है तो आप ही सहीं है. हम अस्पताल की ही बात कर लेते है. जिसमें लंबे समय से चिकित्सक का पद रिक्त है और उम्मीद की जा रही थी कि क्षेत्रीय विधायक इस पद को भरने के लिए कोई प्रयास करेगें लेकिन करीब 8-10 वर्षों से तिरोड़ी अस्पताल में रिक्त चिकित्सक के पद को भरने के लिए ना तो तत्कालीन भाजपा विधायक के.डी.देशमुख तिरोड़ी अस्पताल में चिकित्सक की व्यवस्था करा पाए और ना ही वर्तमान विधायक टामलाल सहारे यह जानकार आपको दुखी होना चाहिए. फिलहाल तिरोड़ी अस्पताल में चिकित्सक की व्यवस्था कराने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू की है. अब इन हड़तालियों की सुनी जाती भी है या नही या इन्हें ऐसे ही भूखे मरने छोड़ दिया जाता है यह वक्त बताएगा. पंरतु क्रमिक भूख हड़ताल इस बात का भी संकेत देती है कि जो लोग हड़ताल पर बैठे है वह भलीभांति जानते है कि उनकी भूख हड़ताल पर बैठने से नेताओं को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला. जनप्रतिनिधि कह देगें हमारा काम तो विधानसभा में अपनी पार्टी के नारे लगाना है या कोई हमने पूछकर हड़ताल पर बैठे है क्या जैसे तिरोड़ी भूमिअधिग्रहित किसानों से कहा गया था.
     खैर तिरोड़ी अस्पताल में चिकित्सक की तैनाती की चिंता सिर्फ विधायक का मसला नहीं सांसद का भी है चूकिं सांसद भी जनता का चुना हुआ एक जनप्रतिनिधि ही है. वर्तमान में बालाघाट-सिवनी संसदीय क्षेत्र से डॉ ढालसिंह बिसेन सांसद है. जो स्वयं ही डॉक्टर है ऐसे में इन्हें अस्पताल में चिकित्सक के ना होने से मरीजों को किस तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है इसका बेहतर आभास भी होगा किन्तु इन्होनें भी बालाघाट जिले में चिकित्सा व्यवस्था बेहतर बनाने में कोई काम नहीं किया. सांसद अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस पर सेवा, समर्पण, त्याग और निष्ठा के जीवंत प्रतीक नर्सिंग कार्य से जुड़ी बहनों को सम्मानित करने में गर्व महसूस करते है और सांसद को ऐसा करते हुए गौरवान्वित भी होना चाहिए लेकिन क्षेत्र की जनता सांसद के सांसद होने पर गर्व महसूस करे ऐसा करने के लिए सांसद को चाहिए वह तिरोड़ी जैसे अस्पताल में चिकित्सक की व्यवस्था करवाएं.
     ज्ञात रहे कि क्षेत्र की मॉयल नगरी तिरोड़ी के सरकारी अस्पताल में लंबे समय से एमबीबीएस चिकित्सकों के 2 पद रिक्त है. जिस कारण तिरोड़ी एवं आस-पास के ग्रामीण अंचलों की करीब 30 हजार आबादी को प्राईवेट अस्पतालों में अपना उपचार कराना पड़ रहा है. ऐसे में यहां की जनता काफी लंबे समय से अस्पताल में चिकित्सकों की नियुक्ति कराने की मांग कर रही है परंतु सरकार के नुमाइंदे इस ओर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे है. कलेक्टर के निर्देशों के बाद मौजूदा वक्त में तिरोड़ी अस्पताल में 2 आयुष चिकित्सकों को सेवाएं देने के लिए तैनात किया गया है इन चिकित्सकों के सेवाएं देने से जनता को कुछ राहत तो मिली है मगर, संतुष्टि नहीं मिल पाई है ग्रामीणों की मांग है कि अस्पताल में एमबीबीएस चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरा जाए. अभी हाल ही में जब से एमबीबीएस चिकित्सकों की अस्पतालों में नियुक्ति किए जाने की चर्चाएं चल रही है तब से इस मांग ने और अधिक जोर पकड़ लिया है और तिरोड़ी के ग्रामीणों ने शुक्रवार से अस्पताल में चिकित्सक की नियुक्ति की मांग को लेकर गांधी प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से क्रमिक भूख हड़ताल प्रारम्भ की है क्रमिक भूख हड़ताल की शुरूआत ग्रामप्रधान आंनद बरमैया व श्रमजीवी पत्रकार संघ तिरोड़ी तहसील अध्यक्ष पवन वैध ने की है. वहीं इस हड़तालियों को मोहन डोंगरवार, प्रशांत सूर्यवंशी, आरिफ खान, पंकज श्रीवास, आशीष मण्डलेकर, प्रेमनारायण तिवारी, गुडबिन इमेनविल, ज्ञानीराम राहंगडाले, बाबा भाई, रविशंकर सेन्द्रे, वीरेंद्र गुप्ता जैसे जागरूक लोग अपना समर्थन दे रहे है.

Comments

Popular posts from this blog

पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर पूर्व जनपद सदस्य ने लगाई फांसी पुलिस पर जमकर मारपीट और 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप

बड़े तालाब का सीमाकंन हुआ शुरू अतिक्रमण की जद में तालाब का बड़ा हिस्सा, करीब 10 एकड़ तालाब का हिस्सा गायब

मुस्लिम धर्मगुरू पर अभद्र टिप्पणी सौंपा ज्ञापन