मोटर व्हीकल एक्ट की धज्जियां उड़ा रही नगर परिषद कटंगी - आरटीओ में नहीं वाहनों का रजिस्ट्रेशन
शहर में नगर परिषद कटंगी के करीब 2 दर्जन से अधिक वाहन संचालित हो रहे है. इन वाहनों को शहर में कचरा ढोते या फिर अन्य कार्य करते हुए आसानी से देखा जा सकता है. मगर आपको यह जानकार ताजूब होगा कि शहर में घूमते इन वाहनों में अधिकांश वाहनों का परिवहन विभाग (आरटीओ) में पंजीयन ही नहीं है. दमकल वाहन को छोड़ दें तो ट्रेक्टर, छोटे पिकअप कचरा वाहन, स्टेब्लाइजर वाहन का परिवहन विभाग में पंजीयन नहीं है. ऐसे में अगर इन वाहनों से किसी भी प्रकार की दुर्घटना घटित होती है तो चालक या फिर इन वाहनों की चपेट में आना वाला किसी भी शख्स को बीमा लाभ नहीं मिल पाएगा. परिवहन विभाग में वाहनों का पंजीयन नहीं होने के कारण नगर परिषद के किसी भी छोटे-बड़े वाहन में नंबर तक नहीं है जिस कारण इन वाहनों की पहचान करना तक मुश्किल है. बेहद चौकानें वाली बात तो यह भी है कि सड़कों पर बिना नंबर के चलने वाली गाड़ियों पर पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई भी करती है किन्तु नगर परिषद कटंगी की बिना नंबर प्लेट की चल रही गाड़ियों पर अब तक पुलिस का भी ध्यान नहीं गया है. खैर, इन वाहनों का पंजीयन और इंश्सोरेंस नहीं होने की वजह से सरकार को परिवहन टैक्स का नुकसान हो रहा है और नगर परिषद कटंगी मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों की धज्जियां उठाते हुए सड़कों पर बेधड़क वाहनों को दौड़ा रही है.
उल्लेखनीय है कि कटंगी नगर में सफाई व्यवस्था के नाम पर नगर परिषद के कई वाहन सड़कों पर दौड़ते नजर आते हैं इन वाहनों द्वारा बेशक शहर के वार्डों में घर-घर पहुंचकर कचरा एकत्रित किया जा रहा है लेकिन इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इन वाहनों का संचालन मोटर व्हीकल एक्ट को ठेंगा दिखाकर किया जा रहा है. एक तरफ जहां पंजीयन के अभाव में इन वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगे हैं. वहीं दूसरी तरफ किसी भी वाहन का इंश्योरेंस तक नही है. जानकारी के अनुसार नगर परिषद द्वारा नगर में सफाई व्यवस्था में लगाए गए मैजिक वाहन, कचरा गाडियां व ट्रैक्टरों का पंजीयन नहीं कराया गया है. राज्य शासन के यातायात व परिवहन विभाग में बिना रजिस्ट्रेशन के ही इन वाहनों का संचालन कई सालों से किया जा रहा है. इसके अलावा इन सभी वाहनों में अन्य कई कमियां भी हैं जो सड़क पर वाहनों के संचालन को नियम विरूद्ध हैं. मगर, परिवहन विभाग और पुलिस विभाग द्वारा अब तक ध्यान नहीं दिए जाने की वजह से नगर परिषद इन वाहनों को बेखौफ होकर चला रही है. बताना जरूरी है कि नगर परिषद में जितने भी वाहन है उनमें से एक पर भी वाहनों के नंबर अंकित नहीं हैं वाहनों को क्रय किए 2 से 3 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है. ऐसे में वाहनों से दुघर्टनाएं होने पर नगर परिषद को अपनी गलती बचाने के लिए वाहन गंवाना पड़ सकता है या फिर बड़ी राशि क्षतिपूर्ति के रूप में देनी पड़ सकती है. गौरतलब है कि वाहनों पर नंबर नहीं लगे होने की वजह से सड़क दुर्घटनाओं के बाद वाहन मालिक का सही से पता नहीं लग पाता है. बिना नंबर की गाड़ी निकलने की वजह से आए दिन अपराधी चोरी और अन्य अपराध की घटनाओं को भी अंजाम दे देते हैं.
नगर परिषद कटंगी के तमाम वाहनों का जहां पंजीयन नहीं है वहीं 2 दमकल वाहनों में से एक दमकल वाहन का पंजीयन ही नहीं है और यह वाहन आए दिन आगजनी की घटना होने के बाद सड़क पर सरपट दौड़ते हुए देखा जाता है. वाहनों के पंजीयन के साथ नगर परिषद के पास कुशल चालक भी नहीं है. बिना प्रशिक्षण के ही दमकल वाहन को चालक संचालित है. सूत्रों का तो कहना है कि कई चालकों के पास ड्राईविंग लाईसेंस तक नही है मगर नगर परिषद के अफसर सबकुछ जानकार भी अंजान बने हुए है. बहरहाल, अब परिवहन और पुलिस विभाग को चाहिए कि वह नगर परिषद में चलने वाले सभी वाहनों के पंजीयन और चालकों के ड्राईविंग लाईसेंस की जांच करे और अगर नगर परिषद की ओर से लापरवाही बरती गई है तो नियमानुसार वाहनों का पंजीयन करवाएं या फिर इन वाहनों की जब्ती करें.



Comments
Post a Comment