अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर मजदूरों के अधिकारों पर हुई चर्चा मध्यप्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष बोले निजीकरण का करें विरोध
मध्यप्रदेश असंगठित कामगार कांग्रेस ने 01 मई अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के मौके पर कटंगी के शक्ति विद्या मंदिर परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन कर मजदूरों के हक और अधिकारों पर चर्चा की. प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष बिसेन की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत सदस्य केसर बिसेन के आतिथ्य में कार्यक्रम का आयोजन हुआ. कार्यक्रम की शुरूआत में संविधान शिल्पकार डॉ बाबा साहेब अंबेडकर एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छात्राचित्र की पूजा अर्चना की गई. तत्पश्चात मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श एवं उदबोधन कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष महेन्द्र बाहेश्वर, ब्लॉक अध्यक्ष म.प्र.अ.का.कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष हरिशचंद राउत, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष सुनील जैन, योगेन्द्र राहंगडाले, सेवादल नगर अध्यक्ष मनीष चौकसे, युवा कांग्रेस नगर अध्यक्ष अनमोल शर्मा, महेन्द्र कटारिया, सुरजीतसिंह ठाकुर, दीपक नागले, अनिल चुटेलकर, सोना ठाकुर, सुनील नागोसे, कैलाश गाड़ेकर, रामरत्न सहित नगर परिषद के कर्मचारी, ऑटो चालक संघ, हमाल संघ पदाधिकारी तथा दिहाड़ी मजदूर शामिल हुए. बैठक में श्रमिकों ने अपनी समस्याएं बताई. वहीं आशुतोष बिसेन ने श्रमिकों से जुड़े कानूनों की जानकारी दी.
बैठक विचार-विमर्श के दौरान नगर परिषद के कर्मचारियों ने बताया कि लंबे समय से सेवाएं देने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है तथा नगर परिषद द्वारा पीएफ जमा नहीं किया जा रहा है. जिसके बाद आशुतोष बिसेन ने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि वह उनके नियमितीकरण को लेकर प्रयास करेगें. कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगें. उन्होनें बाबा साहब का जिक्र करते हुए बताया कि सबसे पहले इंदौर में बाबा साहब के द्वारा सफाई कर्मचारियों का यूनियन बनाया था यह यूनियन आज भी काम कर रहा है. उनका यह यूनियज आज महानगरपालिकाओं में आज ठेकेदारी प्रथा का विरोध कर रहा है. उन्होनें कहा कि सरकार अब विभागों को ठेकेदारी प्रथा पर चल रही है. वर्तमान में देश की हालत बेहद खराब है केन्द्र सरकार उपक्रमों को बेचने और निजी हाथों में देने का काम कर रही है जिस कारण मजदूरों को शोषण हो रहा है. जिसके चलते हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है कि हम निजीकरण का पूरजोर तरीके से विरोध करें. उन्होनें कहा कि श्रमिकों का आज सामाजिक सुरक्षा की मांग करने की बेहद जरूरत है अगर कार्यस्थल पर कार्य के दौरान श्रमिक की मृत्यु हो जाती है तो ऐसे में परिवार को सामाजिक सुरक्षा के तहत ही लाभ मिल सकता है. उन्होनें कहा कि जो व्यक्ति श्रम करेगा उसके लिए आजीविका के साधनों की कमी नहीं है जरूरत है श्रमिकों को अपने हक और अधिकारों की जानकारी होना. इस बैठक में श्रमिकों ने शीघ्र ही असंगठित कामगार यूनियन बनाने का निर्णय लिया.


Comments
Post a Comment