1 मई से बड़े तालाब का सफाई अभियान होगा शुरू मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने समस्त संगठनों से सहयोग की अपील की
मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ तहसील इकाई कटंगी के आहवान पर शहर के बड़े तालाब की सफाई का अभियान 01 मई श्रमिक दिवस के दिन सुबह 06 बजे से सिनेमा चौक से शुरू हो रहा है. जिला उपाध्यक्ष मनीष चौकसे एवं तहसील अध्यक्ष अमजद खान ने सामुहिक रुप से प्रेस नोट जारी कर समस्त धार्मिक, सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं नागरिकों से इस अभियान में शामिल होकर सहयोग करने की पुरजोर अपील की है. वहीं क्षेत्र के उन तमाम किसानों को भी सफाई अभियान में शामिल होने की अपील की गई है जिन किसानों को अपने खेतों के लिए खाद की आवश्यकता है तथा जिन्हें मिट्टी की आवश्यकता है वह भी तालाब से मिट्टी ले जा सकते है. बता दें कि बीते दिनों तालाब की साफ-सफाई एवं गहरीकरण कार्य को लेकर नगर परिषद कार्यालय में पूर्व सांसद के.डी.देशमुख एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कामिनी ठाकुर की उपस्थिती में बैठक आहुत की गई थी. दरअसल, इस तालाब के लिए गहरीकरण एवं सौन्दर्यीकरण के लिए पूर्व सांसद के प्रयासों से राज्य सरकार ने वर्ष 2018 में 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए है किन्तु अब तक कार्य प्रांरभ नहीं हो पाया जिसके चलते मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ ने जनसहयोग से तालाब की सफाई का अभियान का आहवान किया है. नगर परिषद में आयोजित बैठक के दौरान सीएमओ एवं उपयंत्री ने बताया था कि सरकार से 2 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हो चुकी है इस ग्रीष्मकाल में गहरीकरण का कार्य करवाया जाएगा. जिसके चलते श्रमजीवी पत्रकार संघ तालाब की साफ-सफाई को लेकर वृहद अभियान चला रहा है.
किसानों के लिए वरदात साबित होगी तालाब की मिट्टी-
उल्लेखनीय है कि कटंगी शहर के तालाब का बीते कई सालों से गहरीकरण नहीं हुआ है. ऐसे में यहां की मृदा (मिट्टी) किसानों के खेतों के लिए बेहद लाभकारी है. दरअसल, तालाब जितने पुराने होंगे, उनकी मिट्टी उतनी ही ज्यादा लाभकारी होती है. वह खेत की उर्वरता को उतना अधिक बढ़ाएगी. तालाब की काली चिकनी मिट्टी में कई प्रकार के जीवाणु मौजूद रहते हैं. ये मृदा शक्ति को बढ़ाते हैं इसमें मौजूद पोषण तत्व पौधों को आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. तालाब की मिट्टी खेतों के लिए गुणकारी साबित हो रही है. खेतों में इसके प्रयोग से यह खाद की सरीखे काम करेगी. इसके प्रयोग से फसलों को कम पानी देना पड़ेगा, क्योंकि तालाब की मिट्टी जल्द ही पानी को सोखने में सक्षम है. लिहाजा जो किसान शहर के बड़े तालाब की मिट्टी ले जाना चाहते है. वह तालाब में पहुंचकर मिट्टी ले जा सकते है.

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